न्यूयॉर्क — इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेटन्याहू ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक तीव्र भाषण दिया, जिसमें उन्होंने गाज़ा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया और एक यूएन अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया। इस भाषण को तब बाधित किया गया जब कई प्रतिनिधिमंडल, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि शामिल थे, ने भाषण समाप्त होने से पहले ही बाहर निकल गए।
बढ़ते तनाव के बीच भाषण
नेटन्याहू के बयानों का प्रसंग तब आया जब इज़राइल और हमास के बीच युद्ध तीव्र हो गया, इज़राइल रक्षा बल (IDF) ने उग्रवादी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करने के उद्देश्य से कई हवाई हमले और जमीनी अभियानों की सूचना दी
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ
संयुक्त राज्य अमेरिका में, विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने भाषण के स्वर पर “चिंता” व्यक्त की और एक समझौते से प्राप्त समाधान के लिए अपनी समर्थन की पुष्टि की। यूरोपीय राजनयिकों ने वॉकआउट को एक “महत्वपूर्ण राजनयिक बयान” के रूप में वर्णित किया, लेकिन नेतन्याहू की टिप्पणियों की सामग्री पर टिप्पणी नहीं की। वाशिंगटन में स्थित इज़राइली दूतावास ने एक संक्षिप्त प्रतिक्रिया जारी की, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री का भाषण “सुरक्षा संबंधी मामलों पर इज़राइल की आधिकारिक स्थिति के अनुरूप” था।
नेतन्याहू द्वारा सैन्य कार्रवाई का बचाव
नेतन्याहू ने हास के नेतृत्व और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और नागरिकों के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए IDF के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने हाल के खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि IDF ने इज़राइली क्षेत्र पर एक नियोजित हमले को रोक दिया था। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद पर “चयनात्मक रिपोर्टिंग” और “राजनीतिक हस्तक्षेप” का भी आरोप लगाया।
इज़राइल की राजनयिक स्थिति पर प्रभाव
वॉकआउट और भाषण की सामग्री ने इज़राइल की राजनयिक संबंधों पर नजर रखने को तीव्र कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना संयुक्त राष्ट्र में इज़राइल की स्थिति को प्रभावित कर सकती है, विशेष रूप से क्योंकि सामान्य सभा एक ऐसा मंच है जहाँ सदस्य देश मानवाधिकारों और संघर्ष समाधान के बारे में अपनी चिंताओं का प्रकट कर सकते हैं। यह घटना उस समय आ रही है जब इज़राइल का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है, और अगले चुनाव 2027 की शुरुआत में निर्धारित हैं।
कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलू
संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियात्मक नियमों के अनुसार, एक प्रतिनिधि का वॉकआउट एक औपचारिक विरोध का गठन नहीं करता है, बल्कि यह एक प्रतीकात्मक कृत्य है। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय ने विदा लेते प्रतिनिधिमंडलों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। इज़राइली प्रतिनिधिमंडल सत्र के शेष भाग में मौजूद रहेगा, जहाँ वह गाजा संघर्ष पर बाद के बहसों में भाग लेगा।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Netanyahu defends Israeli military action as delegates walk out before UN speech
- Netanyahu defends military action, rips Mamdani, in fiery UN speech – The Center Square
- Israel’s Netanyahu takes the U.N. stage facing global isolation and a fight for his politi
- Delegates walk out as Netanyahu defends Israel’s regional wars in UN address – Middle East