Iran Calls for Negotiated Solution After US Rejects Hormuz Re‑opening Plan

Iranian foreign minister says only talks can end deadlock as former President Trump dismisses US proposal to reopen the Strait of Hormuz.
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वॉशिंगटन — रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Hormuz की खाड़ी को फिर से खोलने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा कि इस खिंचाव का समाधान केवल बातचीत के माध्यम से ही संभव है।

अमेरिकी नीति में बदलाव के बीच बातचीत अटक गई

ईरान के विदेश मंत्री हौसेन अमीर-अब्दुल्लाहियान ने दोहराया कि तेहरान की स्थिति यह है कि तनाव कम करने का एकमात्र मार्ग कूटनीतिक संवाद है। उन्होंने प्रेस को जारी किए गए एक संक्षिप्त बयान के बाद यह टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी अस्वीकृति को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक निराशाजनक घटना बताया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक ढांचा प्रस्तुत किया था, जिसके तहत Hormuz की खाड़ी से व्यावसायिक जहाजों के पारगमन की अनुमति दी जाएगी, जबकि ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कुछ शर्तें लगाई जाएंगी। अगस्त के अंत में उच्च स्तरीय अधिकारियों के बीच चर्चा के लिए भेजा गया यह प्रस्ताव, ईरान की ओर से जहाजों पर हमलों को रोकने और खाड़ी में अपने मिसाइल तैनाती को सीमित करने के प्रतिबद्धता के बदले में प्रतिबंधों को चरणबद्ध रूप से हटाने की मांग करता था।

27 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक बीबीसी लेख के अनुसार, ट्रंप ने इस योजना को “अस्वीकार्य” और “अमेरिका के हित में नहीं” करार दिया। पूर्व राष्ट्रपति की यह टिप्पणी व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सहायकों द्वारा संवाददाताओं तक पहुंचाई गई थी, हालांकि प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक लिखित प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई।

मंत्रि के बयान में ईरान की प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए यह जोर दिया गया कि इस अस्वीकृति से क्षेत्र “जाम” (deadlock) की स्थिति में आ गया है, जिसे केवल प्रत्यक्ष बातचीत के जरिए ही तोड़ा जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार अडचल की स्थिति दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री गलियारों में से एक में गलती से टकराव के जोखिम को बढ़ा सकती है, जहां प्रतिदिन वैश्विक तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति के निजी नागरिक के रूप में स्थिति का हवाला देते हुए ट्रंप की टिप्पणी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहता है, लेकिन अस्वीकृत प्रस्ताव की विशिष्टताओं पर कोई टिप्पणी नहीं की।

हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा उद्धृत विश्लेषकों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की स्थिति मौजूदा अमेरिकी सरकार के दृष्टिकोण से भिन्न है, जो 2025 की शुरुआत से ही तेहरान के साथ बैक-चैनल बातचीत में लगी हुई है। उनका तर्क है कि यह बदलाव यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र द्वारा Hormuz के यातायात के लिए एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे बहुपक्षीय प्रयासों को जटिल बना सकता है।

ट्रेडिंगव्यू की रिपोर्ट ने यह रेखांकित किया कि इस अस्वीकृति के तत्काल बाजार पर प्रभाव पड़ सकते हैं। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत कथन के अगले दिन 1.2 प्रतिशत बढ़ी, जो निवेशकों की संभावित आपूर्ति व्यवधानों के प्रति चिंताओं को दर्शाती है। शिपिंग कंपनियों ने भी गल्फ से गुजरने वाले जहाजों के लिए बढ़ी हुई बीमा प्रीमियम की चेतावनी दी है, जिसे बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के कारण बताया गया है।

ईरानी अधिकारियों ने पहले चेतावनी दी है कि किसी भी प्रयास को बिना बातचीत के बंदरगाह को पुनः खोलने के लिए मजबूर करने पर “अनुपातिक” उपायों का सामना करना पड़ सकता है। जबकि कोई नई सैन्य कार्रवाई की रिपोर्ट नहीं है, ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पानी पर निगरानी जारी रखता है, और हालिया उपग्रह चित्रों से ईरानी तटरेखा के पास नौसेना गतिविधि में वृद्धि दिखाई देती है।

अंतरराष्ट्रीय निकायों ने संयम बरतने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें सभी पक्षों को “एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को और अस्थिर करने वाले कार्यों से बचने” का आग्रह किया गया। इस बयान में ट्रम्प के टिप्पणी का सीधा उल्लेख नहीं किया गया, परंतु यूएन की दीर्घकालिक स्थिति को दोहराया गया कि संवाद संघर्ष समाधान का प्राथमिक माध्यम है।

तेहरान में, विदेश मंत्रालय के प्रेस कार्यालय ने पुष्टि की कि वह कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से अमेरिकी समकक्षों के साथ पुनः संलग्न होने का प्रयास करेगा, परंतु पुनः वार्ताओं के लिए समयसीमा निर्दिष्ट नहीं की। मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि ईरान बहुपक्षीय ढांचों के लिए खुला है, जिनमें गल्फ सहयोग परिषद (GCC) और यूरोपीय संघ जैसे क्षेत्रीय हितधारक शामिल हैं।

वैश्विक तेल बाजार के हितधारक इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस जलडमरूमध्य का दीर्घकालिक बंद रह जाता है, तो यह वैश्विक आपूर्ति से प्रति दिन 1 लाख बैरल तक घटा सकता है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं और तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।

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