मैनचेस्टर सिटी को 114 वित्तीय आरोपों में दोषी पाया गया, अपील के लिए तैयार

प्रिमियर लीग क्लब को 115 कथित उल्लंघनों में लगभग सभी पर दोषी ठहराया गया, एक निर्णय जो दंड और महंगी अपील प्रक्रिया को जन्म दे सकता है।
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लंदन — मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब को 25 सितंबर 2026 को प्रीमियर लीग के अनुशासनात्मक पैनल द्वारा 115 कथित वित्तीय उल्लंघनों में से 114 पर दोषी पाया गया, अल जज़ीरा, ब्लिचर रिपोर्ट, याहू स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड की रिपोर्टों के अनुसार। क्लब इस निर्णय के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रहा है, जिससे जुर्माना, अंक कटौती या अन्य दंडात्मक कार्रवाइयाँ हो सकती हैं।

निर्णय का विवरण

प्रीमियर लीग के वित्तीय फेयर प्ले नियमों के तहत बुलाए गए पैनल ने कई कथित उल्लंघनों की जांच की, जिनमें ट्रांसफर शुल्क का अनुचित लेखांकन, अनघोषित प्रायोजन आय और वेतन-सीमा के उल्लंघन शामिल हैं। शुक्रवार को देर रात जारी निर्णय में कहा गया है कि मैनचेस्टर सिटी को लगभग हर आरोप पर दोषी पाया गया, केवल 115 में से एक आरोप को बिना सबूत के खारिज किया गया।

संभावित दंड

हालांकि पैनल ने प्रारंभिक निर्णय में कोई निश्चित दंड नहीं लगाया, उसने संकेत दिया कि दंड में £10 मिलियन तक का जुर्माना, तीन लीग अंकों तक की कटौती, या दोनों का संयोजन शामिल हो सकता है। क्लब की कानूनी टीम ने कहा है कि वे अगले 14 दिनों के भीतर अपील दायर करेंगे, प्रक्रियात्मक त्रुटियों और प्रस्तुत साक्ष्यों की पूर्ण समीक्षा की आवश्यकता का हवाला देते हुए।

क्लब का उत्तर

मैनचेस्टर सिटी के मुख्य कार्यकारी द्वारा जारी एक बयान में क्लब ने निर्णय से निराशा व्यक्त की, लेकिन अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। क्लब ने यह भी उल्लेख किया कि वे प्रीमियर लीग की जांचों के साथ सहयोग कर रहे हैं और अपनी अपील के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज़ प्रस्तुत करेंगे।

प्रीमियर लीग का संदर्भ

यह निर्णय अंग्रेजी फुटबॉल में वित्तीय अनियमितताओं पर व्यापक कार्रवाई के बाद आया है। प्रीमियर लीग ने पिछले घोटालों के जवाब में क्लब की वित्तीय स्थिति पर निगरानी कड़ी कर दी है, जिनमें खिलाड़ी वेतन का अतिरंजित होना और अनघोषित प्रायोजन सौदे शामिल थे। वर्तमान मामला लीग के इतिहास में सबसे व्यापक है, जिसमें 115 अलग-अलग आरोप शामिल हैं।

सीज़न पर प्रभाव

2025‑26 प्रीमियर लीग सीज़न में तीसरे स्थान पर समाप्त हुई मैनचेस्टर सिटी को अंक कटौती के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, जो यूएफए चैंपियंस लीग के लिए उसकी योग्यता को प्रभावित कर सकता है। क्लब के प्रबंधक, जो टीम की हालिया सफलता में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, ने निर्णय पर सीधे टिप्पणी नहीं की है, पर यह संकेत दिया है कि अपील के लंबित रहने के दौरान क्लब आगामी सीज़न पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा।

कानूनी और नियामक ढांचा

अनुशासनात्मक पैनल ने प्रीमियर लीग के वित्तीय निष्पक्ष खेल (FFP) नियमों के तहत कार्य किया, जिन्हें वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने और क्लबों को अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने से रोकने के लिए पेश किया गया था। FFP ढांचा क्लबों से विस्तृत वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने और आय व व्यय के बीच तीन वर्ष की चलती अवधि में संतुलन बनाए रखने की मांग करता है।

अपील प्रक्रिया

मैनचेस्टर सिटी की अपील को प्रीमियर लीग द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र न्यायाधीश द्वारा सुना जाएगा। क्लब ने संकेत दिया है कि वह मूल सुनवाई के साक्ष्य और प्रक्रिया संबंधी पहलुओं की पुनः समीक्षा का अनुरोध करेगा। यदि अपील अस्वीकृत हो जाती है, तो क्लब यूके के न्यायालयों में आगे कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

हितधारकों की प्रतिक्रियाएँ

जांच की देखरेख करने वाले प्रीमियर लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय साक्ष्यों की व्यापक समीक्षा के आधार पर लिया गया है। क्लब के समर्थकों और कुछ विश्लेषकों ने टीम की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है।

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