यूनिसेफ: संघर्ष से भूखमरी में वृद्धि, 71,000 यमनी बच्चे विस्थापित

यूएन एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यमन में तीव्र युद्ध के कारण तीन सप्ताह में लगभग 71,000 बच्चे अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, जिससे गंभीर भूखमरी की दरें और बढ़ गई हैं।
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वॉशिंगटन — यूनिसेफ के एक ब्रीफिंग के अनुसार, यमन में तीव्र युद्ध के कारण पिछले तीन सप्ताह में अनुमानित 71,000 बच्चों का विस्थापन हुआ है, और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के टूटने के साथ-साथ बच्चों में तीव्र कुपोषण तेजी से बढ़ रहा है।

नए संघर्षों के बीच विस्थापन में उछाल

यूनिसेफ के अधिकारियों ने कहा कि नवीनतम विस्थापन आंकड़े 4 सितंबर से 24 सितंबर 2026 के बीच दर्ज किए गए, जब उत्तरी प्रांतों सादा और हजजाह तथा दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में झड़पें तीव्र हो गईं। एजेंसी की त्वरित मूल्यांकन टीमों ने बमबारी, तोपखाने की गोलियों और सड़क ब्लॉकेड से भागते परिवारों का दस्तावेजीकरण किया, जिनमें से लगभग 45% बच्चे थे।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्य समन्वय कार्यालय (ओचा) ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में इन आंकड़ों की पुष्टि की, यह नोट करते हुए कि विस्थापन में इस उछाल ने राजधानी सनाआ और अल-मोखा में अस्थायी शिविरों में पहले से ही भारी बोझ उठाए हुए आश्रय स्थलों पर दबाव डाल दिया है।

स्वास्थ्य पहुंच कमजोर होने के साथ कुपोषण दरें बढ़ती हैं

यूनिट न्यूज ने यूनिसेफ-विश्व स्वास्थ्य संगठन (वोएचओ) की संयुक्त मूल्यांकन का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में तीव्र कुपोषण से पीड़ितों का अनुपात — जिसे ऊंचाई के सापेक्ष वजन के जे-स्कोर (Z-scores) -2 से नीचे मापा जाता है — अगस्त में 12.3% से बढ़कर सितंबर में 14.7% हो गया, जो पिछले एक वर्ष का सबसे उच्च स्तर है।

संघर्ष-प्रभावित जिलों के स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि नियमित टीकाकरण और पोषण कार्यक्रम बार-बार बाधित हुए हैं। यूएन-निर्देशित स्वास्थ्य क्लस्टर ने अपने ब्रीफिंग में कहा, “जब क्लिनिकों पर गोलाबारी होती है या स्टाफ सुविधाओं तक नहीं पहुंच पाता है, तो बच्चे महत्वपूर्ण चिकित्सा भोजन सत्रों से वंचित हो जाते हैं।”

मानवीय प्रतिक्रिया बाधित

यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि यदि सहायता गलियारे बंद रहने दें, तो 2026 अंत तक यह विलयन लहर 1,20,000 अতিরिक्त बच्चों गंभर भूख मार (severe food insecurity) जैसी स्थिति तक धक्क देने धमकाने है। एजेंसी ने आपातकालीन पोषण किट्स, मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों और अस्थायी आश्रय स्थलों के लिए 2.4 अरब रुपये (लगभग 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की अपील की है।

इसके जवाब में, संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्य समन्वय कार्यालय ने सऊदी अरब-नेतृत्व वाले गठबंधन और हूथि अधिकारियों से अपील की है कि वे मानवीय विराम का सम्मान करें और सहायता कंवॉइ के लिए सुरक्षित पारगमन की अनुमति दें। गठबंधन के प्रवक्ता ने अल जज़ीरा से बात करते हुए कहा कि “मानवीय वितरण के लिए अस्थायी आतंकविराम” पर चर्चा की जा रही है, लेकिन कोई ठोस समय-सारणी प्रदान नहीं की गई।

बच्चे ही सबसे अधिक प्रभावित हैं

स्थानीय गैर‑सरकारी संगठनों, जिनमें यमन रेड क्रेसेंट सोसाइटी भी शामिल है, ने बताया कि कई विस्थापित परिवार भीड़भाड़ वाले विद्यालयों और सामुदायिक केंद्रों में रह रहे हैं जहाँ जल, स्वच्छता और स्वच्छता (WASH) की स्थितियाँ अपर्याप्त हैं। “बच्चे फर्श पर सो रहे हैं, कंबल साझा कर रहे हैं, और कई को दस्त है,” एक क्षेत्र अधिकारी ने कहा, सादा के बाहर एक अस्थायी शिविर में स्थितियों का वर्णन करते हुए।

यूएनआईसीएफ़ के बाल संरक्षण अधिकारी ने बाल श्रम और प्रारंभिक विवाह की रिपोर्टों में वृद्धि पर प्रकाश डाला, क्योंकि परिवार आय की हानि से जूझ रहे हैं। “जब माता‑पिता अपने बच्चों को भोजन नहीं दे पाते, तो वे निराशाजनक उपाय अपनाते हैं,” अधिकारी ने कहा, बिना किसी विशिष्ट मामले का उल्लेख किए।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 25 सितंबर को जारी एक बयान में स्थिति को “एक मानवीय आपातकाल” कहा, जिसे तत्काल, समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने दाता राष्ट्रों से वित्त पोषण को तेज करने और संघर्षरत पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने का आग्रह किया।

संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ ने प्रत्येक ने अतिरिक्त मानवीय सहायता का वादा किया है, परंतु संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि वितरण में देरी और लॉजिस्टिक बाधाएँ स्थल पर सहायता पहुँचाने में बाधा डालती रहती हैं।

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