BBC Report Says US and Lebanon Shield Syrian General Wanted for Hostage Intel

Investigation alleges Washington and Beirut are harboring a Syrian officer accused of facilitating hostage operations, sparking diplomatic scrutiny.
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वॉशिंगटन — 8 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की गई एक बीबीसी जांच के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और लेबनान एक सीरियाई जनरल की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिसे अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों द्वारा अपहरण से जुड़ी खुफिया गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में खोजा जा रहा है। रिसीव किए गए दस्तावेजों और क्षेत्रीय अधिकारियों के साक्षात्कारों पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र और इंटरपोल द्वारा जारी प्रतिबंधों और गिरफ्तारी वारंटों के बावजूद, अमेरिका की मौन सहमति के तहत इस जनरल को लेबनान में निवास करने की अनुमति दी गई है।

इस जांच में एक श्रृंखला के राजनयिक केबलों का हवाला दिया गया है, जो संकेत देती हैं कि अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों ने लेबनानी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया ताकि इस जनरल को युद्धकालीन अपहरणों की जांच कर रहे एक यूरोपीय न्यायालय में экстраडिशन (सौंपने) से रोका जा सके। बीबीसी के अनुसार, इस जनरल पर सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान विदेशी नागरिकों के अपहरण को सुगम बनाने वाले एक नेटवर्क की निगरानी करने और उग्रवादी समूहों को खुफिया जानकारी प्रदान करने का शक है।

खोजे जा रहे जनरल का पृष्ठभूमि

बीबीसी रिपोर्ट में इस सीरियाई अधिकारी की पहचान मेजर जनरल खालिद अल-हारीरी के रूप में की गई है, जिन्होंने 2012 से 2018 तक सीरियाई अरब सेना की खुफिया निदेशालय में सेवा की। अंतर्राष्ट्रीय जांच अधिकारियों का आरोप है कि अल-हारीरी ने ऐसे ऑपरेशनों का निर्देशन किया, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों सहायता कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को पकड़ा गया, जिनमें से कुछ को फिर से रिश्वत के भुगतान के बाद रिहा किया गया। 2024 में, इंटरपोल ने अल-हारीरी के लिए एक रेड नोटिस जारी किया, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकवादी वित्तपोषण को सुगम बनाने के लिए उन्हें प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया।

लेबनानी अधिकारियों पर लंबे समय से इस बात के लिए आलोचना की जा रही है कि वे सीरियाई मिलिशिया आकृतियों को अपनी सीमाओं के भीतर संचालन करने की अनुमति देते हैं। बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, अल-हारीरी ने सीरियाई विपक्ष और मानवाधिकार समूहों की आपत्तियों के बावजूद, 2025 की शुरुआत में एक अस्थायी निवास अनुमति पत्र के तहत लेबनान में प्रवेश किया, जिसे वार्षिक रूप से नवीनीकृत किया गया।

अमेरिकी संलिप्तता और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं

बीबीसी की जांच का दावा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए लेबनानी समकक्षों से बातचीत की ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि अल-हारीरी को सीरियाई या यूरोपीय अधिकारियों के हवाले न किया जाए। रिपोर्ट में मार्च 2026 की तारीख वाला एक नोट का हवाला दिया गया है, जिसमें एक वरिष्ठ विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि “जनरल को हटाना सीमा क्षेत्र में नाजुक सुरक्षा व्यवस्थाओं को अस्थिर कर सकता है।”

संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस नोट के अस्तित्व की पुष्टि नहीं की है। टिप्पणी के लिए संपर्क करने पर, एक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी “चालू जांचों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी” और किसी भी विशिष्ट व्यक्ति पर चर्चा करने से इनकार कर दिया।

लेबनानी सरकार की स्थिति

लेबनान के विदेश मंत्रालय ने 7 अक्टूबर 2026 को एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि देश “सभी अंतर्राष्ट्रीय कानूनी दायित्वों का सम्मान करता है” और “लेबनान में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति कानून के शासन के अधीन है।” मंत्रालय ने अल‑हरिरी से संबंधित विशिष्ट आरोपों को नहीं छुआ।

लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों ने, गुमनामी की शर्त पर, बीबीसी को बताया कि उन्हें संयुक्त राज्य के साथ जनरल को सुरक्षा प्रदान करने के किसी भी औपचारिक समझौते की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “लेबनान गंभीर अपराधों के लिए वांछित व्यक्तियों को इम्युनिटी नहीं देता,” पर यह स्वीकार किया कि “राजनीतिक परिदृश्य

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