सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को मतदाता पात्रता डेटाबेस उपयोग की अनुमति दी

यू.एस. सुप्रीम कोर्ट ने SAVE प्रणाली पर निचली अदालत के प्रतिबंध को हटाया, जिससे ट्रम्प प्रशासन को 2026 चुनाव चक्र के लिए मतदाता नागरिकता की जाँच करने की अनुमति मिली
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वॉशिंगटन — अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को, ट्रंप प्रशासन को मतदाता नागरिकता की सत्यापन के लिए विवादास्पद ‘सेक्योर अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी’ (SAVE) डेटाबेस का उपयोग करने की अनुमति दी, एक ऐसा कदम जो आगामी चुनाव चक्र को प्रभावित कर सकता है। इस निर्णय, जिसे 5-2 के बहुमत से पारित किया गया, ने एक निचली अदालत के उस अंतरिम आदेश को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया था, जिसने 2024 से इस प्रणाली के उपयोग पर रोक लगाई हुई थी।

SAVE प्रणाली का पृष्ठभूमि

SAVE डेटाबेस का विकास 2023 में गृह सुरक्षा विभाग (Department of Homeland Security) द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य मतदाता पंजीकरण रिकॉर्ड्स को संघीय प्रवासन और नागरिकता डेटा से क्रॉस-चेक करना था। आलोचकों ने तर्क दिया था कि इस प्रणाली का उपयोग मतदाताओं, विशेष रूप से हिसपैनिक और एशियाई वंशजों के, मतदान अधिकारों को छीनने के लिए किया जा सकता है, और इसमें डेटा त्रुटियों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय नहीं हैं। इस प्रणाली का प्रथम उपयोग 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप अभियान के वोटर-सप्रेसन यूनिट द्वारा किया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय

25 सितंबर को जारी एक संक्षिप्त आदेश में, न्यायालय ने निर्णय लिया कि ट्रंप प्रशासन अतिरिक्त न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रतीक्षाकाल में डेटाबेस का उपयोग “सीमित अवधि” के लिए कर सकता है। इस निर्णय में प्रणाली की स्वीकार्यता से संबंधित मूलभूत संवैधानिक प्रश्नों पर कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन इसमें 2025 में एक संघीय जिला अदालत द्वारा जारी किए गए अंतरिम आदेश पर अस्थायी स्थगन प्रदान किया गया।

2026 चुनाव के लिए प्रभाव

यह निर्णय 2026 के मध्यवर्ती चुनावों के निकट आने के समय में आया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह राज्य के मतदाता सूचियों से गैर-नागरिक मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए इस डेटाबेस का उपयोग करेगा। न्याय विभाग के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SAVE का उपयोग केवल “नागरिकता स्थिति के सत्यापन” तक सीमित रहेगा और अदालती आदेश के बिना किसी भी मतदाता को हटाया नहीं जाएगा।

हितधारकों की प्रतिक्रियाएँ

सिविल‑राइट्स समूह, जिनमें ACLU और NAACP शामिल हैं, ने चिंता व्यक्त की है कि डेटाबेस का उपयोग अल्पसंख्यक मतदाताओं को लक्षित करने के लिए किया जा सकता है। ACLU के कानूनी निदेशक ने कहा कि न्यायालय का निर्णय “भेदभावपूर्ण प्रभाव की संभावनाओं को संबोधित नहीं करता।”

कई स्विंग राज्यों के राज्य चुनाव अधिकारियों ने डेटाबेस के उपयोग पर निलंबन की मांग की है, जिसमें मताधिकार समाप्ति के जोखिम का हवाला दिया गया है। इसके विपरीत, रिपब्लिकन राष्ट्रीय समिति ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह चुनाव प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

कानूनी पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय उन निम्न-कोर्ट निर्णयों की श्रृंखला के बाद आया है, जिन्होंने SAVE के उपयोग को अवरुद्ध किया था। 2025 में, कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय ने एक निषेधाज्ञा जारी की, जिसमें मतदान अधिकार अधिनियम और संविधान के भेदभावपूर्ण मतदान प्रथाओं पर प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया था। ट्रम्प प्रशासन ने अपील की, यह तर्क देते हुए कि डेटाबेस नागरिकता सत्यापन के लिए एक तटस्थ उपकरण था।

न्यायालय का निर्णय वैचारिक रेखाओं के अनुसार विभाजित था, जिसमें न्यायमूर्ति कगन और न्यायमूर्ति सोतोमायोर ने असहमति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि डेटाबेस का उपयोग “चुनाव प्रणाली में विश्वास को कमजोर करेगा” और इसका उपयोग मतों को दबाने के लिए किया जा सकता है।

आगे के कदम

सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर को एक सुनवाई निर्धारित की है, जिसमें यह विचार किया जाएगा कि क्या डेटाबेस को अस्थायी अवधि से परे उपयोग किया जा सकता है। न्याय विभाग ने संकेत दिया है कि वह उस सुनवाई के दौरान डेटाबेस के उपयोग को जारी रखने के लिए एक याचिका दायर करेगा।

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