नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र भाषण से प्रदर्शनकारियों का हंगामा, घरेलू स्तर पर सराहना

अल जज़ीरा के अनुसार, 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इज़राइली प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू के दृढ़ भाषण के दौरान कई प्रतिनिधिमंडल कक्ष से बाहर चले गए, जबकि इज़राइली अधिकारियों ने इसकी सराहना की।
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न्यू यॉर्क — इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक विवादास्पद भाषण दिया, जिसमें उन्होंने गज़ा पट्टी में अपने सरकार के कार्यों का बचाव किया। अल ज़ीरा के अनुसार, इस भाषण ने कई सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को सभा हॉल से बाहर निकलने पर मजबूर किया, जबकि इज़राइली अधिकारियों और समर्थकों ने प्रधानमंत्री के रुख की प्रशंसा की।

संयुक्त राष्ट्र सत्र और सभा हॉल से बाहर निकलना

अल ज़ीरा के विश्लेषण के अनुसार, सुरक्षा परिषद ने गज़ा में चल रही मानवीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी। नेतन्याहू की टिप्पणियों का केंद्र इज़राइल की सुरक्षा संबंधी चिंताएँ थीं और उन्होंने आतंक-रोधी (cease-fire) की माँगों को अस्वीकार कर दिया, जिन्हें उन्होंने “अवास्तविक” और “पक्षपाती” बताया। संयुक्त अरब अमीरात, कतर और नॉर्वे के प्रतिनिधिमंडलों ने भाषण समाप्त होने से पहले “उपयोग की गई भाषा के विरोध” का हवाला देते हुए सभा हॉल छोड़ दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राज्य ब्रिटेन के प्रतिनिधि बैठे रहे, लेकिन उन्होंने “गहरी चिंता” जताई।

इज़राइल में घरेलू प्रतिक्रिया

अल ज़ीरा ने उल्लेख किया कि इज़राइली मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के भाषण की तालियों से सराहना की, जिसे उन्होंने “राष्ट्रीय संप्रभुता का बचाव” बताया। इज़राइल के विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया कि नेतन्याहू के भाषण ने “इज़राइल के स्वयं-रक्षा के अधिकार को पुनः स्थापित किया और संतुलित अंतर्राष्ट्रीय дискурс की आवश्यकता पर प्रकाश डाला”। विश्लेषण में उद्धृत एक सर्वेक्षण के अनुसार, इज़राइल में 68 प्रतिशत प्रतिक्रियादाताओं ने प्रधानमंत्री के संयुक्त राष्ट्र बहस के प्रबंधन की स्वीकृति दी।

अंतर्राष्ट्रीय आलोचना

विश्लेषण में यह उल्लेख किया गया कि सभा हॉल से बाहर निकलना बैठक में असंतोष का सबसे स्पष्ट संकेत था। यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता ने कहा कि परिषद को “मानवीय सिद्धांतों का पालन करना चाहिए और एक स्थायी आतंक-रोधी (cease-fire) की ओर बढ़ना चाहिए”। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय ने एक अलग विज्ञप्ति जारी कर “सभी पक्षों से निर्माणशील रूप से संवाद करने और तनाव को भड़काने वाली भाषा से बचने” की अपील की।

गाज़ा संघर्ष का संदर्भ

अल जज़ीरा ने संयुक्त राष्ट्र सत्र को गाज़ा संघर्ष के व्यापक संदर्भ में रखा, जो 2026 में अपनी तीसरी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों का हवाला दिया गया है कि 2024 की शुरुआत में हुई नवीनतम वृद्धि के बाद से 1.2 लाख से अधिक नागरिक विस्थापित हुए हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने बिना किसी बाधा के मानवीय पहुँच की मांग की है, जिसे नेतन्याहू सरकार ने बार‑बार “सुरक्षा‑चालित” के रूप में अस्वीकार किया है।

राजनीतिक प्रभाव

विश्लेषण ने अटकलों से परहेज़ किया, परंतु यह देखा कि प्रधानमंत्री की कड़ी रुख वाली वक्तव्य आगामी 2027 की शुरुआत में होने वाले इज़राइल चुनावों पर प्रभाव डाल सकती है। विपक्षी नेता यायर लैपिड से उम्मीद है कि वे संयुक्त राष्ट्र से निकलने को इज़राइल के कूटनीतिक अलगाव का प्रमाण मानेंगे, जबकि नेतन्याहू के सहयोगी तर्क देते हैं कि घरेलू स्वीकृति रेटिंग उन्हें बाहरी दबाव से सुरक्षित रखती है।

नागरिक समाज की प्रतिक्रियाएँ

अल जज़ीरा के लेख में उद्धृत मानवाधिकार संगठनों

प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़

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