वॉशिंगटन — इरानी विदेश मंत्री ने कहा कि केवल वार्ता से ही संघर्ष का अंत संभव है, जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के बदले प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह बयान उसी दिन आया जब संयुक्त राज्य ने घोषणा की कि वह 2023 में ट्रम्प प्रशासन द्वारा मध्यस्थता किए गए होर्मुज़ समझौते को आगे नहीं बढ़ाएगा।
ट्रम्प द्वारा होर्मुज़ समझौते को खारिज करने के बाद यू‑एस‑ईरान टकराव गहरा
2023 में हस्ताक्षरित होर्मुज़ समझौते में संयुक्त राज्य को ईरान पर लगाए गए कई प्रतिबंधों को हटाने का प्रावधान था, ब
ईरान की अर्थव्यवस्था ने पहले ही प्रतिबंधों के प्रभाव को महसूस किया है, क्योंकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार प्रथम तिमाही 2026 में 12.5 बिलियन डॉलर तक गिर गए हैं। ईरानी सरकार ने कहा है कि वह सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखेगी।
अमेरिकी नीति परिवर्तन नई कूटनीतिक चुनौतियों का संकेत देता है
ट्रम्प प्रशासन का होर्मुज़ समझौते को अस्वीकार करने का निर्णय ईरान के प्रति अमेरिकी नीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है। संयुक्त राज्य ने पहले संकेत दिया था कि यदि ईरान संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (JCPOA) की सीमाओं का पालन करता है तो वह प्रतिबंधों को हटाने पर विचार करेगा। इस नई स्थिति ने ईरानी विदेश मंत्री को पुनः वार्ता की मांग करने के लिए प्रेरित किया है।
कॉमन ड्रीम्स रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी राजनयिक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक वार्ता‑आधारित समाधान ही संयुक्त राज्य को ठहराव से बाहर निकालने का एकमात्र मार्ग है। उन्होंने संयुक्त राज्य को एकतरफ़ा कदमों के बजाय रचनात्मक संवाद में संलग्न होने का आग्रह किया।
संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से यूएन सुरक्षा परिषद के संरक्षण में वार्ताओं को पुनः प्रारम्भ करने का आग्रह किया है। यूएन महासचिव ने परमाणु तथा क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं को समेटे एक व्यापक दृष्टिकोण की माँग की है।
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