मध्य प्रदेश में गणेश मंडप पर लाइव तार गिरने से चार की मौत, तीन घायल

मंडला जिले में गणेश उत्सव के दौरान मंगलवार को गिरे लाइव तार से चार पुरुषों की मौत और तीन अन्य घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सख्त सुरक्षा जांच की मांग उठी है।
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भोपाल — मध्य प्रदेश के मंडला जिले में मंगलवार रात गणेश पंडाल पर एक लाइव विद्युत तार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, पुलिस ने बताया।

स्थानीय समय के अनुसार घटना लगभग 21:30 बजे हुई, जब तेज हवाओं के कारण उखाड़ पड़े एक उच्च-वोल्टेज केबल टूटकर एक अस्थायी आश्रय पर गिर गई, जहाँ शाम की पूजा के बाद पुरुष सो रहे थे। सभी पीड़ित वयस्क पुरुष थे, जिन्हें मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया; चारों को मौके पर ही मृत घोषित किया गया, जबकि तीन को गंभीर स्थिति में भर्ती किया गया।

पुलिस प्रतिक्रिया और जांच

मंडला के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC) की उन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है जो दोषपूर्ण हत्या और लापरवाही से संबंधित हैं। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है, फॉरेंसिक परीक्षण के लिए गिरा हुआ तार जब्त किया है और पंडाल की अस्थायी बिजली आपूर्ति के लिए जिम्मेदार विद्युत ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है।

जिला प्रशासन ने राज्य भर में गणेश उत्सवों के लिए उपयोग की जाने वाली सभी अस्थायी विद्युत इकाइयों की तत्काल समीक्षा का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वे मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड की सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुपालन की सत्यापित करेंगे, जिनमें लाइव लाइनों के दौरान इंसुलेटेड वायरिंग, ग्राउंडिंग और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता होती है।

आधिकारिक बयान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक प्रवक्ता के माध्यम से जानों के नुकसान पर “गहरी दुख” व्यक्त किया और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने और मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।

पुलिस आयुक्त राजेश कुमार ने एक ब्रीफिंग में कहा कि जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या ठेकेदार ने विद्युत विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त की थी और क्या पंडाल के आयोजकों ने निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया था।

संदर्भ और पूर्व घटनाएँ

इस त्रासदी के बाद मुंबई में इसी तरह की विद्युत् शॉक घटना हुई, जिसमें इस सप्ताह पहले कई लोगों की जान गई, जिससे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अस्थायी विद्युत् सेटअप की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गईं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गणेश उत्सव के लिए अस्थायी सजावट और प्रकाश व्यवस्था में वृद्धि अक्सर नियामक निगरानी से आगे निकल जाती है।

गणेश चतुर्थी, एक प्रमुख हिंदू त्योहार जिसमें हाथी-शिर वाले देवता का जश्न मनाया जाता है, पूरे भारत में अस्थायी तीर्थस्थलों और पंडलों में भीड़ को आकर्षित करता है। मध्य प्रदेश में, यह त्योहार परेड, संगीत और विस्तृत प्रकाश व्यवस्था से चिह्नित होता है, जो अस्थायी विद्युत् कनेक्शन पर अत्यधिक निर्भर करते हैं।

परिवार और समुदाय की प्रतिक्रिया

मृतक के रिश्तेदारों ने बुधवार को पंडल स्थल पर एकत्र होकर त्वरित जांच और मुआवजे की मांग की। स्थानीय नेताओं ने विद्युत् सुरक्षा मानकों के सख्त प्रवर्तन और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया।

समुदाय के सदस्यों ने पंडल में उचित प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की कमी के बारे में भी चिंता व्यक्त की, यह बताते हुए कि कई उपस्थित लोग अपर्याप्त आश्रय के कारण जमीन पर सो रहे थे।

प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़

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