लंदन — आयरलैंड गणराज्य और इज़राइल के बीच होने वाले आगामी मैच पर बहिष्कार का दबाव बढ़ गया है, क्योंकि आयरिश टीम की तैयारियाँ ठहर गई हैं, अल-जज़ीरा, याहू और बीबीसी की रिपोर्टों के अनुसार। 2026 के लिए निर्धारित यह खेल यूईएफए नेशंस लीग का हिस्सा है और यह प्रॉ‑पैलस्टिनियन कार्यकर्ताओं के लिए एक विवादास्पद बिंदु बन गया है, जो तर्क देते हैं कि यह मैच राजनीतिक समर्थन का एक रूप है।
बढ़ते बहिष्कार आह्वानों
FAI के प्रवक्ता, पैट्रिक ओ’कॉनर, ने दोहराया कि संगठन “मैच के लिए टीम की तत्परता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है” और “राजनीतिक बहस फुटबॉल एजेंडा के दायरे से बाहर है।” ओ’कॉनर ने यह भी कहा कि FAI खेल की लॉजिस्टिक्स की समीक्षा कर रहा है, जिसमें सुरक्षा प्रबंध और यात्रा योजनाएँ शामिल हैं।
समय‑सारिणी और प्रशंसक सहभागिता पर प्रभाव
राजनीतिक दबाव के बावजूद, मैच को न तो स्थगित किया गया है न ही रद्द। UEFA शासी निकाय ने पुष्टि की कि यह कार्यक्रम कैलेंडर में बना रहेगा और आयरिश पक्ष को प्रतियोगिता के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। 23 सितंबर को जारी किए गए UEFA के बयान में यह रेखांकित किया गया कि “फ़ुटबॉल मैच प्रतियोगिता कैलेंडर के अनुसार निर्धारित किए जाते हैं और बाहरी राजनीतिक दबावों के अधीन नहीं होते।”
प्रशंसक सहभागिता पर असर पड़ा है, क्योंकि इस मैच के टिकट बिक्री में पिछले वर्ष के समान कार्यक्रमों के औसत की तुलना में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। FAI ने स्थानीय चैरिटी के साथ साझेदारी की घोषणा की है, जिससे टिकट राजस्व का एक हिस्सा मध्य पूर्व में मानवीय सहायता के लिए दान किया जाएगा। इस कदम की कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा सराहना की गई है, जबकि अन्य इसे केवल प्रतीकात्मक इशारा मानते हुए आलोचना कर रहे हैं।