Iran’s Foreign Minister Calls for Negotiation After Trump Rejects Hormuz Deal

Iran’s foreign minister said only negotiation can end the conflict after US President Donald Trump rejected the Hormuz deal, while UN ambassador Waltz accused Iran of bad faith.
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वॉशिंगटन — इरान के विदेश मंत्री ने कहा कि केवल वार्ता से ही संघर्ष का समाधान संभव है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज समझौते को खारिज कर दिया, यह 27 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार। यह अस्वीकृति तब आई जब संयुक्त राज्य ने इरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की पेशकश की थी, बशर्ते इरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे। मंत्री का बयान एक टेलीविजन साक्षात्कार में दिया गया, जो इरान के राज्य‑स्वामित्व वाले मीडिया नेटवर्क पर प्रसारित हुआ।

अमेरिका ने होर्मुज समझौते को खारिज किया

होर्मुज समझौता, जो 2024 में पहली बार प्रस्तावित किया गया था, इरान के तेल उद्योग पर दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाया

संयुक्त राष्ट्र ने ईरान की वार्ता स्थिति पर की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र के दूत विलियम वॉल्ज़ ने जेनेवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए ईमानदारी से वार्ता नहीं कर रहा है। वॉल्ज़ ने यह भी जोड़ा कि संयुक्त राष्ट्र ने संयुक्त व्यापक कार्रवाई योजना (JCPOA) के पालन के संबंध में ईरान की गतिविधियों पर निगरानी रखी है और देश ने बार-बार अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने में विफलता दर्ज की है। द गार्जियन ने संयुक्त राष्ट्र के इस बयान की रिपोर्ट करते हुए उल्लेख किया कि वॉल्ज़ की टिप्पणियां ईरान के कूटनीतिक दृष्टिकोण पर बढ़ती आलोचना के बीच आई हैं।

प्रतिबंधों और तेल निर्यात पर प्रभाव

हर्मुज समझौते के अस्वीकार का अर्थ यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका वे प्रतिबंध लागू करने जारी रखेगा, जो ईरान की क्षमता को सीमित करते हैं कि वह हर्मुज की खाड़ी के माध्यम से तेल निर्यात कर सके, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है। इन प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल को छूट पर बेचना पड़ रहा है, जिससे ईरानी सरकार की आय में कमी आई है। विदेश मंत्री ने कहा कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका कठोर रुख बनाए रखता है, तो आर्थिक दबाव और बढ़ेगा।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

यूरोपीय कूटनीतिज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि इस अडचल स्थिति से क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने कहा कि ईयू विवाद के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा। इस बीच, चीन ने संयम अपील की है और दोनों पक्षों से संवाद में शामिल होने की सलाह दी है।

आगामी कदम

दोनों पक्षों ने संकेत दिया है कि वे आगे की वार्ताओं के लिए खुले हैं, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कठोर सीमाओं को शामिल किया जाना होगा। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि देश वह प्रस्ताव विचार करेगा जो प्रतिबंधों के हटाने की गारंटी दे और इसके तेल निर्यात की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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