नई दिल्ली — ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL), विद्युत मंत्रालय के अधीन एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी, ने घोषणा की कि वह जर्मनी में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह
प्रेस को दिए गए ब्रीफिंग में, ईईएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि कंपनी की भागीदारी ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत की हरित अवसंरचना में निवेश आकर्षित करने में सहायक होगी। कंपनी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में ऊर्जा दक्षता के सर्वोत्तम अभ्यासों पर राउंड‑टेबल चर्चाओं की एक श्रृंखला आयोजित करने की भी योजना बना रही है।
भारत की हरित एजेंडा पर प्रभाव
भारत का राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता कार्य योजना, जिसे 2015 में आरम्भ किया गया, 2030 तक ऊर्जा तीव्रता में 20% कमी का लक्ष्य निर्धारित करती है। जर्मन मेले में प्रदर्शित परियोजनाएँ इस लक्ष्य की दिशा में प्रगति को दर्शाती हैं। ईईएसएल के आंकड़ों के अनुसार, उसके कार्यक्रमों ने पिछले दशक में राष्ट्रीय ऊर्जा तीव्रता में 3.5% की कमी में पहले से ही योगदान दिया है।
यह प्रदर्शनी समयोचित है क्योंकि भारत 2027 के अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच को नई दिल्ली में आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। यह मंच वैश्विक दक्षिण में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर केंद्रित होगा। ईईएसएल की जर्मन यात्रा से तकनीकी और वित्तीय संबंध स्थापित होने की उम्मीद है, जो अन्य विकासशील देशों में समान परियोजनाओं के कार्यान्वयन को तेज कर सकते हैं।
हितधारकों के लिए अगले कदम
भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 में भाग लेने वाले हितधारकों को प्रत्येक परियोजना पर विस्तृत केस स्टडी और डेटा शीट उपलब्ध कराई जाएंगी। ईईएसएल ने जर्मन ऊर्जा एजेंसी के साथ स्मार्ट मीटरिंग और मांग‑पक्ष प्रबंधन पर संयुक्त शोध की खोज के लिए साझेदारी की घोषणा भी की है।
कंपनी अपने ‘स्मार्ट मीटरिंग’ सिस्टम का