लंदन — श्रीलंका प्राधिकरणों ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पूर्व प्रथम महिला शिवांती राजापक्ष को भ्रष्टाचार के संदेह पर हिरासत में लिया, और सऊदी अरब की अपीलीय अदालत ने एक श्रीलंकाई प्रवासी मजदूर पर मृत्युदंड को पलट दिया, जिसे सोशल‑मीडिया पोस्ट के लिए दोषी ठहराया गया था, अमनस्टी इंटरनेशनल ने रिपोर्ट किया।
कोलंबो में गिरफ्तारी
कोलंबो की पुलिस ने कहा कि पूर्व प्रथम महिला को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया, जब जांचकर्ताओं ने उनके पति के राष्ट्रपति पद के दौरान सरकारी अनुबंधों की खरीद में कथित अनियमितताओं से उनका
भू‑राजनीतिक संदर्भ
श्रीलंका की नाज़ुक अर्थव्यवस्था, जो 2022 में हुए संप्रभु‑डिफॉल्ट के बाद अभी भी पुनरुद्धार की प्रक्रिया में है, विदेशों में कार्यरत श्रमिकों, विशेषकर खाड़ी देशों में नियोजित, की प्रेषणों पर अत्यधिक निर्भर है। सऊदी मामला प्रवासी श्रमिकों की कठोर कानूनी व्यवस्थाओं के सामने असुरक्षा को उजागर करता है। इसी बीच, राजापाक्सा की गिरफ्तारी तब आती है, जब देश अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ नया सहायता पैकेज वार्ता कर रहा है और विदेशी निवेशकों को स्थापित संरक्षक नेटवर्कों की सफाई के आश्वासन देने का प्रयास कर रहा है।
क़ानूनी और कूटनीतिक प्रभाव
श्रीलंका सरकार ने जांच के विशिष्ट पहलुओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है, पर न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मामला कानून के शासन के अनुरूप निपटाया जाएगा। सऊदी अरब के न्याय मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर यह पुष्टि की कि अपीलीय न्यायालय का निर्णय “प्रक्रियात्मक निष्पक्षता सुनिश्चित करने” के आधार पर लिया गया था और आगे कोई विवरण नहीं दिया गया।