हैदराबाद — राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) के कस्टम अधिकारियों ने 7 अक्टूबर 2026 को एक यात्री को हिरासत में लिया, जब उन्होंने एक जाली समुद्री कर्मी फॉर्म और विदेशी मूल के अनुमानित ₹2.25 करोड़ के सोने के बार का पता लगाया। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने उसी व्यक्ति से ₹1.20 करोड़ के मूल्य के सोने को जब्त कर लिया।
यात्री की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, वह मुस्कट से आने वाली उड़ान पर पहुँचा। हवाई अड्डे की सुरक्षा ने नियमित सत्यापन के दौरान समुद्री कर्मी दस्तावेज़ को संदिग्ध पाया। जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि फॉर्म जाली था, जिसके कारण यात्री के सामान की गहन जाँच की गई।
कस्टम अधिकारियों ने एक सूटकेस में छिपे हुए कई सोने के बार खोजे। प्रयोगशाला विश्लेषण से सोने के विदेशी मूल की पुष्टि हुई, जो 1962 के कस्टम अधिनियम के तहत उल्लंघन है, जो बिना दर्ज विदेशी मूल के कीमती धातुओं के आयात को प्रतिबंधित करता है। सोने का कुल मूल्य, प्रति ग्राम ₹9,800 के वर्तमान बाजार दर पर गणना करके, ₹2.25 करोड़ हुआ।
जप्ति के विवरण और कानूनी संदर्भ
खोज के पश्चात, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), जो तस्करी रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसी है, ने लगभग 12 किलोग्राम वजन के अतिरिक्त सोने के भंडार को जब्त किया, जिसका मूल्य ₹1.20 करोड़ है। एजेंसी ने इस
हवाई अड्डे के पुलिस ने यात्री को आगे पूछताछ के लिए हैदराबाद पुलिस आयुक्त के कार्यालय में भेज दिया। इस मामले को वित्त मंत्रालय द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) को सौंप दिया गया है, जो संगठित तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच करेगी।
विस्तृत प्रवर्तन प्रवृत्तियाँ
सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया है कि पिछले वर्ष में भारतीय हवाई अड्डों के माध्यम से विदेशी मूल के सोने की तस्करी के प्रयासों में वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय की तिमाही रिपोर्ट Q3‑2026 में 2025 के समान अवधि की तुलना में सोने की जब्ती में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ड्राइंग राइट्स इन्स्पेक्शन (DRI) के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने 2026 के पहले नौ महीनों में 27 स्वर्ण‑संबंधी रोकथाम दर्ज की, जो पिछले वर्ष के 22 से अधिक है। अधिकारी इस वृद्धि को यात्रा दस्तावेजों की कड़ी जांच और प्रमुख हवाई अड्डों पर उन्नत स्कैनिंग उपकरणों के उपयोग को कारण मानते हैं।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि उचित घोषणा के बिना विदेशी सोने का आयात भारतीय रिज़र्व बैंक के विदेशी मुद्रा प्रवाह की निगरानी के प्रयासों को कमजोर करता है और घरेलू स्वर्ण बाजार की कीमतों को विकृत कर सकता है।
कानूनी कार्यवाही लंबित
यात्री औपचारिक आरोप पत्र तैयार होने तक हिरासत में बना हुआ है। भारतीय कानून के तहत, अभियोजन को हिरासत के 60 दिनों के भीतर आरोप दर्ज करना अनिवार्य है, जिसके बाद न्यायालय जमानत की पात्रता निर्धारित करेगा।
DRI ने संकेत दिया है कि वह तस्करी प्रतिबंध अधिनियम, 2002 की धारा के तहत जब्त किए गए सोने की जब्ती का अनुरोध करेगा, जो सरकार को तस्करी अपराधों से जुड़े संपत्तियों को जब्त करने की