नई दिल्ली — भारत की रक्षा उद्योग ने आत्मनिर्भरता के एक नए चरण में प्रवेश किया है, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने 27 सितंबर 2026 को रिपोर्ट किया कि प्रमुख हथियार प्रणालियों का घरेलू उत्पादन तेज़ी से बढ़ा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी तथ्य
रणनीतिक अभ्यास और परिचालन तत्परता
युद्ध अभ्यास 2026, अब तक का सबसे बड़ा भारत‑अमेरिका संयुक्त अभ्यास, दोनों नौसेनाओं और वायु बलों के 12,000 सैनिकों को सम्मिलित करता था। इस अभ्यास का केंद्र बिंदु पनडुब्बी विरोधी युद्ध, वायु रक्षा तथा संयुक्त कमान‑नियंत्रण था। रक्षा मंत्रालय के ब्रीफ़िंग के अनुसार, इस अभ्यास ने जटिल समुद्री परिस्थितियों में अमेरिकी इकाइयों के साथ भारतीय बलों की संचालन क्षमता को प्रदर्शित किया।
युद्ध अभ्यास के अतिरिक्त, भारतीय सेना ने लद्दाख क्षेत्र में उच्च‑ऊँचाई प्रशिक्षण अभ्यासों की एक श्रृंखला आयोजित की, जिसका उद्देश्य हिमालयी सीमा पर सैनिकों की तत्परता को सुदृढ़ करना था। ये अभ्यास विकसित होते सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को बढ़ाने के व्यापक पहल का हिस्सा थे।