भारत के सेवा क्षेत्र ने 3% की वृद्धि दर्ज की, जबकि सितंबर में पीएमआई 55.2 तक चढ़ा

इस क्षेत्र ने तिमाही‑3 2026 में वर्ष‑दर‑वर्ष 3% की बढ़ोतरी दर्ज की, पीएमआई में तीन‑महीने का उच्चतम स्तर हासिल किया, परन्तु 2022 के बाद से सबसे कमजोर त्रैमासिक वृद्धि दर्ज की।
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नई दिल्ली — भारत के सेवा क्षेत्र ने सितंबर तिमाही में वर्ष‑दर‑वर्ष 3.0 % की वृद्धि दर्ज की, जैसा कि 6 अक्टूबर 2026 को जारी नवीनतम प्रोक्योरमेंट मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सर्वेक्षण में बताया गया है। सूचकांक 55.2 तक बढ़ा, जो तीन महीनों में सबसे अधिक पढ़ा गया, जबकि तिमाही वृद्धि दर 2022 वित्तीय वर्ष के बाद से सबसे धीमी रही।

PMI मिश्रित संकेत दिखाता है

S&P Global द्वारा संकलित सर्विसेज़ PMI लगातार 31वें महीने 50‑अंक विस्तार सीमा से ऊपर बना रहा। 55.2 का पढ़ा गया मान दर्शाता है कि नई आदेश, उत्पादन और रोजगार की अपेक्षाएँ पिछले महीने की तुलना में सुधरी हैं। हालांकि, सर्वेक्षण ने पिछले तिमाही की तुलना में वृद्धि दर में मंदी का भी उल्लेख किया, जिसे विश्लेषकों ने निर्यात मांग में गिरावट और कड़े क्रेडिट स्थितियों से जोड़ा है।

घरेलू मांग पुनरुत्थान को आधार देती है

सर्वेक्षण डेटा दर्शाता है कि खुदरा, आतिथ्य और परिवहन जैसी उपभोक्ता‑उन्मुख सेवाओं में गतिविधि अधिक मजबूत रही, जिससे व्यापार‑से‑व्यापार खंडों में धीमी गति को संतुलित किया गया। BusinessLine रिपोर्ट ने बताया कि सितंबर में घरेलू मांग “strengthened” हुई, जिससे समग्र सूचकांक में वृद्धि हुई। वित्तीय सेवाएँ और सूचना‑प्रौद्योगिकी (IT) ने भी ठोस प्रदर्शन किया, जबकि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद IT कंपनियों ने अधिक ऑर्डर बुक दर्ज की।

2022 के शिखर के बाद त्रैमासिक वृद्धि धीमी हुई

हालाँकि 3% का विस्तार पिछले तिमाही में दर्ज 2.4% वृद्धि से बेहतर है, यह 2022 के वित्तीय वर्ष के बाद से सबसे कम त्रैमासिक वृद्धि बनी हुई है, जब क्षेत्र ने 4.1% की वृद्धि दर्ज की थी। आर्थिक टाइम्स के विश्लेषण में इस मंदी का कारण निर्यात आदेशों में कमी और कॉर्पोरेट खरीदारों के बीच सतर्क दृष्टिकोण के संयोजन को बताया गया है।

वैश्विक कारक दृष्टिकोण पर भार डालते हैं

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की अस्थिरता, विशेषकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में, विदेशी अनुबंधों के लिए अपेक्षाओं को कम कर रही है। BoldNewsOnline ने नोट किया कि “वैश्विक अनिश्चितता” वर्ष के शेष भाग में निर्यात‑संबंधित सेवाओं की वृद्धि को मामूली बनाए रखने की संभावना है।

नीति संदर्भ

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने प्रौद्योगिकी‑आधारित फर्मों के लिए प्रोत्साहनों के माध्यम से सेवा निर्यात को बढ़ाने पर अपना ध्यान दोहराया है। हाल ही में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, मंत्रालय ने कहा कि वह छोटे और मध्यम आकार के सेवा निर्यातकों के लिए क्रेडिट लाइनों का विस्तार करेगा, ताकि विदेशी मांग में मंदी को संतुलित किया जा सके।

आगे की दृष्टि

विश्लेषक अपेक्षा करते हैं कि सेवाओं का पीएमआई अगले दो महीनों के लिए विस्तार रेखा के ऊपर बना रहेगा, बशर्ते घरेलू उपभोग सुदृढ़ बना रहे। हालांकि, वे चेतावनी देते हैं कि वैश्विक व्यापार परिस्थितियों में किसी भी आगे की गिरावट से त्रैमासिक वृद्धि और नीचे जा सकती है।

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