नई दिल्ली — संघीय मंत्रिमंडल ने 22 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय विमानन योजना यूनियन डेन (UDAN) (उड़ देश का आम नागरिक) के संशोधित संस्करण को मंजूरी दी, जिसमें अगले चरण के लिए 28,840 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह निर्णय 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं, के साथ हस्ताक्षरित किए गए समझौता पत्रों (MoU) की श्रृंखला के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में विमान और हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी को विस्तारित करना है।
संशोधित UDAN से क्षेत्रीय हवाई लिंक्स को बढ़ावा
संशोधित UDAN, जिसे अक्सर UDAN 2.0 के रूप में जाना जाता है, दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में नियोजित उड़ानों की संख्या को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। योजना छोटी दूरी की मार्गों पर संचालित एयरलाइंस को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिसमें सब्सिडी किराए और संचालन लागत का एक हिस्सा कवर करेगी। केंद्र सरकार भागीदार हवाई अड्डों के लिए विमान रखरखाव और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की लागत पर 70 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान करेगी।
मंत्रिमंडल की व्यय और आवंटन विवरण
मंत्रिमंडल आदेश के अनुसार, 28,840 करोड़ रुपये का व्यय पांच वर्षों के अवधि में वितरित किया जाएगा। आवंटन में एयरलाइंस को प्रत्यक्ष सब्सिडी के लिए 12,500 करोड़ रुपये, हवाई अड्डे के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये, और नेविगेशन सहायक और टर्मिनल अपग्रेड जैसी सहायक सेवाओं के लिए 11,340 करोड़ रुपये शामिल हैं। नागरिक विमानन मंत्रालय धन के वितरण की निगरानी करेगा और योजना की पात्रता मानदंडों के अनुपालन की निगरानी करेगा।
राज्य स्तरीय MoU और क्षेत्रीय फोकस
मंत्रिमंडल की मंजूरी के कुछ दिनों बाद, कई राज्यों ने संशोधित UDAN को कार्यान्वित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए। आंध्र प्रदेश ने 12 नए हवाई अड्डों और 18 हेलीपोर्ट्स को जोड़ने के लिए नागरिक विमानन मंत्रालय के साथ एक समझौता किया, जिसमें 1,200 करोड़ रुपये की निवेश की प्रोक्टेक्शन की गई है। छत्तीसगढ़ ने 10 जिलों में हवाई और हेली कनेक्टिविटी को विस्तारित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
अन्य राज्यों, जिनमें कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं, ने भी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से प्रत्येक ने कम से कम पाँच हवाई अड्डों को उन्नत करने और नई फीडर मार्ग स्थापित करने का वचन दिया। समझौते एक संयुक्त जिम्मेदारी मॉडल को रेखांकित करते हैं, जिसमें राज्य भूमि और स्थानीय समर्थन प्रदान करेंगे जबकि केंद्रीय सरकार वित्तीय सहायता और नियामक सुविधा उपलब्ध कराएगी।
कार्यान्वयन ढांचा और निगरानी
सिविल एविएशन मंत्रालय ने एयरलाइनों और हवाई अड्डों के लिए पात्रता मानदंडों का विवरण देते हुए एक परिपत्र जारी किया है। एयरलाइनों को डाइरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा निर्धारित सुरक्षा और परिचालन मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। हवाई अड्डों की न्यूनतम रनवे लंबाई 1,200 मीटर होनी चाहिए और उन्हें अधिकतम टेके‑ऑफ वज़न 19,000 किलोग्राम वाले विमानों को संभालने में सक्षम होना चाहिए।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय निधियों के उपयोग और मार्ग विकास की प्रगति पर त्रैमासिक रिपोर्ट प्रकाशित करेगा। ये रिपोर्टें सिविल एविएशन मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध होंगी और उन्हें मुख्य लेखा परीक्षक द्वारा ऑडिट के अधीन रखा जाएगा।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव
समर्थक तर्क देते हैं कि संशोधित UDAN दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगा, बाजारों, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक पहुँच में सुधार करके। यह योजना विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने का भी लक्ष्य रख
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Cabinet Approves Modified UDAN with ₹28,840 Crore Outlay
- Centre signs MoUs with 21 states/UTs for next phase of UDAN | Modified UDAN | Explained –
- Modified UDAN: AP Signs MoU With Civil Aviation Ministry – Deccan Chronicle
- Chhattisgarh signs MoU under Modified UDAN to expand air, heli connectivity – The Times of