ब्रसेल्स — सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने 26 सितंबर 2026 को रियाद में मक्का रक्षा गठबंधन की समीक्षा करने और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया होउथी मिसाइल और ड्रोन हमलों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया की योजना बनाने के लिए बैठक की।
गठबंधन की पृष्ठभूमि
2024 में हस्ताक्षरित मक्का रक्षा समझौते के तहत, तीन देशों को यह दायित्व है कि यदि किसी हस्ताक्षरकर्ता की भूमि या महत्वपूर्ण हितों को खतरा हो, तो वे एक-दूसरे को सैन्य सहायता प्रदान करें। इस समझौते को मूल रूप से क्षेत्रीय अस्थिरता का विरोध करने और मक्का और मदीना में पवित्र स्थलों के लिए तीर्थयात्रा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया था।
बातचीत को प्रेरित करने वाले होउथी गतिविधियाँ
समुद्री सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त की शुरुआत से ही यमन में स्थित होउथी विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कम से कम छह वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल या ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों ने तेल की शिपमेंट्स को बाधित किया है और कॉरिडोर से गुजरने वाले जहाजों के लिए बीमा प्रीमियम में वृद्धि की है।
बैठक की विवरण
सऊदी रक्षा मंत्री राजकुमार खालिद बिन सलमान ने राज्य के जनरल स्टाफ मुख्यालय में तीनों जनरल स्टाफ प्रमुखों की मेजबानी की। तुर्की के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जनरल स्टाफ प्रमुख जनरल यासर गुलर ने किया, जबकि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल आसिम मुनिर ने किया। तीनों पक्षों ने संचालनात्मक अपडेट साझा किए, होउथी लॉन्च साइट्स पर खुफिया जानकारी की समीक्षा की, और लाल सागर और अदन की खाड़ी में संयुक्त गश्तों को बढ़ाने पर सहमति जताई।
बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सहयोगियों ने मक्का समझौते के तहत “राज्य की संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा” की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। बयान में यह भी जोड़ा गया कि पक्ष “वायु, नौसेना और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं के समन्वय को बढ़ाएंगे” ताकि आगे के हमलों को रोक सकें।
रणनीतिक समन्वय
तुर्की के सशस्त्र बलों के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस बैठक के परिणामस्वरूप लाल सागर में अतिरिक्त तुर्की नौसैनिक संपत्तियों, जिसमें हिस्र-ए (HISAR-A) वायु रक्षा प्रणाली से सुसज्जित एक फ्रिगेट शामिल है, की तैनाती का निर्णय लिया गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया कि उसकी नौसेना अरब सागर में गश्त को बढ़ाएगी और सऊदी अरब तथा तुर्की के कमांड केंद्रों के साथ रीयल-टाइम निगरानी डेटा साझा करेगी।
तीनों सैन्य बलों ने रियाद में एक संयुक्त कमांड केंद्र स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा की, जिससे खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके और भविष्य में होउथी हमलों के त्वरित प्रतिक्रिया के लिए समन्वय किया जा सके।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी नौसेनाएं 2023 में शुरू की गई नाटो-आधारित ‘ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्डियन’ के तहत लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों के लिए एस्कॉर्ट मिशन जारी रख रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मक्का गठबंधन होउथी-ईरान अक्ष का एक क्षेत्रीय प्रतिभार प्रदान करता है, हालांकि कोई आधिकारिक ईरानी प्रतिनिधिमंडल मौजूद नहीं था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तीनों सहयोगियों के बीच बढ़े हुए सहयोग का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया है, यह कहते हुए कि “इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे के माध्यम से वाणिज्य के स्वतंत्र प्रवाह को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदार अत्यंत आवश्यक हैं।”
भविष्य की संभावनाएं
तीनों सरकारों ने संकेत दिया है कि यह गठबंधन भविष्य की देखभाल के लिए सक्रिय रहेगा और प्रारंभिक 2027 के लिए अतिरिक्त संयुक्त अभ्यासों की योजना बनाई गई है। क्षेत्र में पहले से मौजूद संपत्तियों के अलावा कोई तत्काल सैन्य तैनाती घोषित नहीं की गई।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Mecca defence alliance chiefs meet amid Houthi attacks
- Saudi, Turkey, Pakistan military chiefs discuss Houthi attacks – The New Arab
- Mecca defense pact brings military chiefs together in Saudi Arabia | Daily Sabah – Daily S
- Saudi, Pakistan, Turkiye vow to defend kingdom under Makkah alliance – India Today