नई दिल्ली — गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट के दो-न्यायाधीश बेंच ने एक सार्वजनिक हित मुकदमे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें स्कूलों में रैगिंग को रोकने के लिए केंद्रीय कानून और एकरूप दिशानिर्देशों की मांग की गई थी। न्यायालय ने कहा कि यह मामला शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा देखरेख किए जाने वाले मौजूदा नियामक तंत्र के अंतर्गत आता है।
याचिका की पृष्ठभूमि
इस वर्ष की शुरुआत में दायर की गई याचिका ने तर्क दिया
सीबीएसई के प्रतिनिधियों ने मंत्रालय के दृष्टिकोण को दोहराया, यह बताते हुए कि बोर्ड ने एक डिजिटल रिपोर्टिंग पोर्टल और रैगिंग शिकायतों को संभालने के लिए शिक्षकों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण शुरू किया है। उन्होंने स्कूलों से मौजूदा ढाँचे को पूर्ण रूप से लागू करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि बोर्ड उन संस्थानों के खिलाफ “कड़ी कार्रवाई” करेगा जो अनुपालन में विफल रहते हैं।
कानूनी पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी रैगिंग मामलों में हस्तक्षेप किया है, विशेषकर 2022 में जब उसने मंत्रालय को व्यापक एंटी‑रैगिंग दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया था। तब से मंत्रालय ने कई सर्कुलर जारी किये हैं, और सीबीएसई ने अपने संबद्धता समझौते में एंटी‑रैगिंग प्रावधान सम्मिलित किये हैं। हालांकि, वर्तमान आदेश यह स्पष्ट करता है कि आगे कोई भी विधायी कदम संसद से उत्पन्न होना चाहिए, न कि न्यायिक आदेश से।
स्कूलों पर प्रभाव
शैक्षणिक संस्थानों को मौजूदा दिशानिर्देशों की पुष्टि के प्रकाश में अपनी एंटी‑रैगिंग नीतियों की समीक्षा करने की सलाह दी जाती है। जिन स्कूलों ने अभी तक एंटी‑रैगिंग समिति स्थापित नहीं की है या वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, उन्हें सीबीएसई और राज्य शिक्षा विभागों द्वारा जांच का सामना करना पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यद्यपि सुप्रीम कोर्ट की अस्वीकृति भविष्य के विधायी कार्य को रोकती नहीं है, यह संकेत देती है कि न्यायपालिका केंद्रीय सरकार को स्पष्ट पार्लियामेंटरी इरादे के बिना नया कानून लागू करने के लिए बाध्य नहीं करेगी। वे हितधारकों को सलाह देते हैं कि वे मंत्रालय और राज्य प्राधिकरणों के साथ कार्यान्वयन में अंतराल को दूर करने के लिए संवाद जारी रखें।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Supreme Court refuses to entertain PIL for Central law, guidelines to curb ragging in scho
- SC refuses to entertain plea seeking law to curb bullying, ragging in schools – India Toda
- Supreme Court Refuses to Stay Rajasthan Cricket Association Elections; Directs Results Not
- SC refuses to entertain PIL for Central law, guidelines to curb ragging in schools – ET Ed