कोलंबो — श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला, जिन्होंने 2024 के राष्ट्रपति परिवर्तन के बाद सार्वजनिक मंच से हटकर रहना चुना, अब विश्व विज़न इंटरनेशनल के साथ साझेदारी करके देश के ग्रामीण जिलों में स्थानीय स्कूलों के पुनर्निर्माण का नेतृत्व कर रही हैं। यह पहल, जो 7 अक्टूबर 2026 को घोषित की गई, तब आती है जब राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय ऋणदात
उसी सप्ताह, बीबीसी ने पूर्व राष्ट्रपति की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की संक्षिप्त यात्रा की रिपोर्ट की, जहाँ उन्होंने श्रीलंका की बहुपक्षीयता और ऋण राहत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इस कवरेज ने देश के कूटनीतिक संतुलन को उजागर किया, जो रणनीतिक साझेदारियों को बनाए रखते हुए किसी एक बाहरी शक्ति पर अत्यधिक निर्भरता से बचने का प्रयास करता है।
समुदायों पर प्रभाव
उत्तरी प्रांत के स्थानीय विद्यालय अधिकारियों ने इस परियोजना को लेकर आशावाद व्यक्त किया है। जाफना जिले के एक विद्यालय प्रमुख ने कहा कि नई सुविधाएँ “छात्रों के लिए अधिक सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण प्रदान करेंगी।” इस पहल से निर्माण चरण में लगभग 300 नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है तथा निर्माण सामग्री और सेवाओं की खरीद के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
वर्ल्ड विज़न के प्रवक्ता ने कहा कि यह साझेदारी संगठन के दीर्घकालिक लक्ष्य—संघर्षोत्तर क्षेत्रों में शिक्षा को सुदृढ़ करने—के अनुरूप है। मंत्रालय की भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि विद्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप निर्मित हों और जलवर्षा जल संचयन तथा सौर ऊर्जा जैसी सतत प्रथाओं को सम्मिलित किया जाए।
भू‑राजनीतिक निहितार्थ
जबकि विद्यालय निर्माण कार्यक्रम एक घरेलू प्राथमिकता है, यह एक कूटनीतिक संकेत भी प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय NGOs के साथ सहयोग और बुनियादी ढाँचे में चीनी एवं भारतीय निवेश का उपयोग करके श्रीलंका अपनी जटिल भू‑राजनीतिक परिस्थितियों को संभालने की क्षमता प्रदर्शित करता है। कार्नेगी एंडॉमेंट के विश्लेषण