पेरिस — पोप लियो XIV ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को पेरिस के केंद्र में एक खुले आसमान के तहत मिसा का नेतृत्व किया, जहाँ इस आयोजन के लिए शहर के बंद होने के बीच लाखों की भीड़ जमा हुई। पोप का फ्रांस में यह दौरा इसी महीने की शुरुआत में शुरू हुए यूरोपीय कैथोलिक समुदायों के व्यापक दौरे का हिस्सा था।
मिसा में लाखों की भीड़ जुटी
बीबीसी, द ग्लोब एंड मेल, ओपरेटिव मेलुमात मर्कज़ी और wlfi.com की रिपोर्टों के अनुसार, इस खुले आसमान के सेवा कार्यक्रम में अनुमानित 5,00,000 लोगों ने भाग लिया, हालाँकि वेटिकन ने एक सटीक आंकड़ा जारी नहीं किया। यह सभा प्लास डे ला कॉन्कोर्ड के निकट आयोजित की गई, जहाँ पोप ने एक अस्थायी मंच से होमिली प्रस्तुत की। पेरिस पुलिस प्रीफेक्चर और फ्रांसीसी जेंडरमेरी की सुरक्षा बलों को आस-पास के क्षेत्रों में तैनात किया गया ताकि बड़ी भीड़ का प्रबंधन किया जा सके और भागीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पोप ने वैश्विक चुनौतियों के बीच धैर्य का आह्वान किया
मिसा के दौरान, पोप ने सभा में उपस्थित विश्वासियों को सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के सामने धैर्य रखने की आवश्यकता के बारे में संबोधित किया। उन्होंने फ्रांस और दुनिया भर के कैथोलिकों से अपने विश्वास में दृढ़ रहने और सामान्य कल्याण के लिए एक साथ काम करने का आह्वान किया। पोप का संदेश उनके हाल ही में जलवायु परिवर्तन, सामाजिक न्याय और सामुदायिक एकजुटता की महत्व पर किए गए बयानों के अनुरूप था।
आयोजन के लिए पेरिस बंद
शहर के अधिकारियों ने घोषणा की कि मिसा के दौरान चैंप्स-एलिसीज़ और रू डे रिवोली सहित कई प्रमुख सड़कों को बंद रखा गया। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया, और पेरिस मेट्रो की लाइन 1 को तीर्थयात्रियों की भारी आवाजाही को समायोजित करने के लिए पुनर्निर्देशित किया गया। फ्रांसीसी गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह बंदोबस्त बड़ी भीड़ का प्रबंधन करने और आयोजन के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए एक समन्वित प्रयास का हिस्सा था।
वेटिकन का कार्यक्रम और व्यापक संदर्भ
पोप का फ्रांस दौरा रोम में कई उपस्थिति के बाद हुआ, जहाँ उन्होंने द्वितीय वेटिकन परिषद के 50वें वर्षगांठ का उत्सव मनाया। इस महीने के कार्यक्रम में ब्रुसेल्स में एक ठहराव शामिल था, जहाँ उन्होंने यूरोपीय संघ के अधिकारियों से मुलाकात की, और इसके बाद रोम के सेंट पीटर बेसिलिका का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पोप के व्यक्तिगत सचिव के साथ एक निजी बैठक की। पेरिस की मास उनके यूरोपीय दौरे का मुख्य आकर्षण थी, जिसका उद्देश्य उस देश में कैथोलिक उपस्थिति को सुदृढ़ करना था जहाँ पिछले दशक में चर्च की उपस्थिति में गिरावट आई है।
स्थानीय और वेटिकन अधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ
फ्रांसीसी कैथोलिक चर्च ने पोप के दौरे का स्वागत किया, यह बताते हुए कि यह “विश्वासियों और चर्च के बीच के बंधनों को मजबूत करेगा”। वेटिकन के होली सी प्रेस कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि पोप का दृढ़ता का संदेश उन कैथोलिकों के साथ प्रतिध्वनित होगा जो आर्थिक अनिश्चितता और सामाजिक परिवर्तन का सामना कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने वेटिकन, फ्रांसीसी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग की प्रशंसा की, जिसने कार्यक्रम को सुचारू और सुरक्षित बनाने में योगदान दिया।
फ्रांस में कैथोलिक धर्म के लिए व्यापक महत्व
फ्रांस में चर्च की उपस्थिति में लगातार गिरावट देखी गई है, जहाँ हालिया सर्वेक्षणों में केवल 20 % आबादी स्वयं को कैथोलिक के रूप में पहचानती है। पोप की मास, जिसे सामान्य उपस्थिति आंकड़ों से कहीं अधिक भीड़ ने भाग लिया, ने फ्रांसीसी समाज में कैथोलिक धर्म के स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम ने वेटिकन के सतत प्रयासों को भी उजागर किया, जो धर्मनिरपेक्ष समाजों के साथ संवाद स्थापित करने और समकालीन मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत हैं।