नई दिल्ली — भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि भारत एक “केला गणराज्य” (banana republic) की तरह कार्यरत है, और सरकार के स्टारलिंक उपग्रह-इंटरनेट परियोजना को स्पेक्ट्रम आवंटित करने के निर्णय का समर्थन किया। पार्टी ने इस अवसर का लाभ उठाकर विपक्षी नेता राहुल गांधी पर भी हमला किया, जिन्होंने मस्क की टिप्पणी का बचाव किया था।
पार्टी की मस्क के ट्वीट पर प्रतिक्रिया
बीजेपी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि मस्क को याद रखना चाहिए कि भारत स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एक पारदर्शी और नियम-आधारित प्रक्रिया का पालन करता है और यह देश कोई केला गणराज्य नहीं है। पार्टी ने यह भी जोड़ा कि भारतीय सरकार के पास सार्वजनिक हित में दूरसंचार को नियंत्रित करने का संप्रभु अधिकार है और स्टारलिंक की लाइसेंस प्रक्रिया एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद ही प्रदान की गई थी।
राहुल गांधी की हस्तक्षेप
इस सप्ताह की शुरुआत में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मस्क की टिप्पणियों में भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति एक गलतफहमी का प्रदर्शन हुआ है। बीजेपी ने गांधी के पोस्ट को एक तकनीकी नियामक निर्णय को राजनीतिक बनाने की कोशिश के रूप में वर्णित किया। एक अलग बयान में, पार्टी ने कहा कि गांधी एक विदेशी उद्यमी के साथ खड़े होकर “राष्ट्रीय हित का बलिदान राजनीतिक लाभ के लिए” कर रहे हैं।
स्टारलिंक स्पेक्ट्रम आवंटन
भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) ने अगस्त 2026 में एक सार्वजनिक नीलामी के बाद स्टारलिंक को 5-गिगाहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम बैंड प्रदान किया, जिसमें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने बोली लगाई थी। यह नीलामी 2023 स्पेक्ट्रम नीति के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें पारदर्शी बोली प्रक्रिया, न्यूनतम रिज़र्व मूल्य और राष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य है। DoT ने पुष्टि की कि स्टारलिंक ने सभी पात्रता मानदंडों को पूरा किया है और लाइसेंस दस वर्षों के लिए प्रदान किया गया है, जो वार्षिक नवीनीकरण के अधीन है।
विपक्षी दलों ने चिंता व्यक्त की है कि यह आवंटन भारतीय दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए नुकसानदायक हो सकता है और नीलामी प्रक्रिया में पर्याप्त जांच-पड़ताल की कमी थी। बीजेपी ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि नीलामी की निगरानी एक स्वतंत्र समिति द्वारा की गई थी और शर्तें पिछले आवंटनों के अनुरूप थीं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
आगामी विधानसभा चुनावों के आलोक में, कई प्रमुख क्षेत्रों में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीजेपी नेताओं ने पार्टी की स्थिति दोहराई है कि विदेशी कंपनियों को भारत के नियामक ढांचे का सम्मान करना होगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि भारत को “बैनाना रिपब्लिक” (अस्थिर या कमजोर लोकतांत्रिक देश) के रूप में चित्रित करने का कोई प्रयास देश के निवेश माहौल को नुकसान पहुंचा सकता है।
कांग्रेस के प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने जवाब दिया कि बीजेपी की तरफ से स्पेक्ट्रम आवंटन के पक्ष में की गई बहस “सभी भारतीयों को किफायती इंटरनेट सुविधा प्रदान करने के वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।” उन्होंने जोड़ा कि पार्टी इस मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग करेगी।
मस्क के टिप्पणी का संदर्भ
8 अक्टूबर, 2026 को पोस्ट की गई मस्क की ट्वीट में हाल ही में हुई एक साक्षात्कार का उल्लेख किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत का नियामक वातावरण “धीमा और अप्रत्याशित” है। स्पेसएक्स के संस्थापक ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य उभरती बाजारों में कार्यरत वैश्विक तकनीकी कंपनियों द्वारा सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालना था, न कि भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों की निंदा करना।
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि स्टारलिंक के भारतीय बाजार में प्रवेश से ब्रॉडबैंड की पहुंच में वृद्धि हो सकती है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भूमिगत (टेरेस्ट्रियल) बुनियादी ढांचा सीमित है। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि सेवा को स्थानीय डेटा-गोपनीयता और सुरक्षा विनियमों का पालन करना होगा।
सरकार की स्थिति
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंत्रालय सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए “समान अवसर” (लेवल प्लेइंग फील्ड) के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि स्टारलिंक की लाइसेंस “कठोर मूल्यांकन” के बाद प्रदान की गई थी और कंपनी को डेटा स्थानीयकरण और स्पेक्ट्रम उपयोग से संबंधित भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।
वैष्णव ने इस मुद्दे के चारों ओर चल रही राजनीतिक बहस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह उल्लेख करते हुए कि मंत्रालय का ध्यान नीति कार्यान्वयन और उपभोक्ताओं के लिए सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- BJP: Musk must remember India’s not a banana republic
- BJP targets Rahul over exchange with Musk; counters SpaceX founder’s remarks on spectrum p
- BJP fires Mr Surrender Gandhi salvo at Rahul for support to Elon Musk – The Tribune
- BJP targets Rahul Gandhi over Elon Musk’s post, says no discrimination in Starlink spectru